टैक्स न लगे तो इस धांसू SUV पर बच जाएंगे 20 लाख; कंपनी, डीलर या सरकार, कार बिकने पर किसे होता है सबसे ज्यादा फायदा?

हाइलाइट्स

कार पर 28% की दर से लागू है जीएसटी.
एक फाॅर्च्यूनर पर 18 लाख रुपये है टैक्स.
कंपनी एक एसयूवी पर कमाती है बस 45,000 रुपये.

नई दिल्ली. आप जब एक कार खरीदते हैं तो उसकी एक्स-शोरूम कीमत और ऑन-रोड कीमत में काफी अंतर होता है. हर कार की बिक्री पर मुनाफे का एक हिस्सा कार निर्माता और कार बेचने वाले डीलर को जाता है, जबकि कार की बिक्री से होने वाली कमाई का दूसरा बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में सरकार को भी जाता है. इस वजह से कार की एक्स-शोरूम कीमत और ऑन-रोड कीमत में अंतर होता है. आपके मन में भी कभी न कभी ये ख्याल जरूर आया होगा कि एक कार पर कंपनी को कितना मुनाफा होता है (How Much Company Earns From Car) या डीलर कार बेचकर कितना कमा लेता है? आप यह भी सोचते होंगे कि कार की बिक्री में मुनाफे का सबसे बड़ा हिस्सा तो कंपनी ही रखती होगी क्योंकि कंपनी कार बना रही है और कीमत तय करना भी उसका ही काम है. लेकिन सच्चाई इससे बिलकुल अलग है. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं…

दरअसल, कार की बिक्री में कंपनी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाती है, ऐसा सोचना गलत है. इसका खुलासा सीए साहिल जैन नाम के एक यूट्यूब चैनल ने एक वीडियो में किया में किया है, जिसमें बताया गया है कि एक टोयोटा फाॅर्च्यूनर कार की बिक्री पर कंपनी को कितना फायदा होता है (How Much Toyota Earns From A Fortuner). इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि जब एक कस्टमर कार खरीदता है तो डीलर और सरकार को उस मुनाफे में कितनी हिस्सेदारी मिलती है. भारत में टोयोटा फाॅर्च्यूनर की एक्स-शोरूम कीमत 39.28 लाख रुपये है, जबकि आपके घर आते-आते इसकी कीमत 47.35 लाख रुपये ऑन-रोड हो जाती है. यानी आप इस कार पर लगभग 8 लाख रुपये अधिक चुकाते हैं, लेकिन इस कार पर किसको कितना मुनाफा होता है? चलिए जानते हैं.

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कितनी होती है कंपनी और डीलर की कमाई
कार के मॉडल और वैरिएंट के अनुसार डीलर का मार्जिन अलग-अलग होता है. सस्ती कार में डीलर का मुनाफा कम होता है, जबकि महंगी और लग्जरी गाड़ियों में उसकी कमाई सबसे ज्यादा होती है. टोयोटा फाॅर्च्यूनर जैसे कारों पर औसतन एक कार डीलर का मार्जिन 1 लाख रुपये तक होता है. वहीं कार मैन्युफैक्चरर यानी कंपनी की बात करें तो टोयोटा का प्रॉफिट मार्जिन लगभग 2-2.5 प्रतिशत ही होता है. इस हिसाब से टोयोटा एक फाॅर्च्यूनर एसयूवी को बेचकर केवल 45,000-50,000 रुपये की ही कमाई कर पाती है.

सबसे ज्यादा फायदे में सरकार!
आपको बता दें कि कार की कीमत का एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में सरकार को चला जाता है. इसमें केंद्र और राज्य सरकारों को जाने वाला टैक्स शामिल है. सरकार कार की एक्स-शोरूम कीमत पर 28% प्रतिशत का जीएसटी लगाती है. इससे फाॅर्च्यूनर की कीमत 6 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये तक बढ़ जाती है.

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इसके अलावा सरकार कार की एक्स-शोरूम कीमत पर रजिस्ट्रेशन चार्ज, रोड टैक्स, ग्रीन सेस और फास्टैग चार्ज भी लेती है जिससे फाॅर्च्यूनर जैसे कारों की कीमत में कुल 18 लाख रुपये का इजाफा हो जाता है. यानी अगर आप फाॅर्च्यूनर खरीदते हैं तो आपसे सरकार टैक्स और अन्य शुल्क के रूप में 18 लाख रुपये की कमाई कर लेती है.

डिमांड के साथ कीमत भी बढ़ी
पिछले कुछ वर्षों में ऑटोमोटिव उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. COVID-19 के कारण कुछ साल ऑटोमोबाइल बाजार के लिए कठिन रहे लेकिन जैसे ही मांग वापस बढ़ने लगी, गाड़ियों के दाम भी बढ़ने लगे. कोरोना महामारी के बाद सभी तरह के वाहनों की कीमत में वृद्धि हुई. हालांकि इससे मांग पर कोई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को नहीं मिला.

Tags: Cars, Toyota

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